सोमवार, 22 जून 2009

मेवाड़ी भाषा से जुड़ी शब्दावलियाँ Mewadi language associated with शब्दावलियाँ


अमितेश कुमार



शब्द

शब्दार्थ

अमाणा

वर्षा पर आश्रित भूमि

आण

शपथ

आघण

गाँव के परकोटों के अंदर वाली कृषि- भूमि

आकड़ा

कूड़ा गहरा कुँआ

आटा हाट

विवाह विनिमय की एक प्रथा

इनामिया, माफी

पुरस्कार स्वरुप प्रदत्त राज मुक्त भूमि

उद्दरणक

भू- ग्रहिता

उपत

उत्पादन

ओल

पंक्ति

कलेवा

कृषि उत्पादन पर लिया जाने वाला प्रथम शुल्क

कटका

बटका खेत की क्यारी की इकाई

कालबेलिया

सपेरे की जाति

कूड़ निवाण

बैलों से सिचाई किये जाने वाला कुँआ

कूतां बराड़

कूतां करने वाले राज्य कर्मचारी को देय उपहारठठ

कुवर मटका

द्रव्य उत्पादन पर लिया जाने वाला राज्योतरा अधिकारी हेतु शुल्क

केल खू

घर तथा पशु गणना में प्रयुक्त इकाई

कैद

जागीरदार की मृत्योपरांत नवीन उत्तराधिकारी को मान्यता प्रदान करने के समयांतर जागीर की स्थिति

कोथल बरड़ा

व्यापारियों से लिया जाने वाला राजकीय शुल्क

कृपा

फसल पकने पर खड़ी फसल पर लिया जाने वाला राजकीय उपहार

खड़ लाकड़

ईंधन का शुल्क

खालसा

केंद्राधीन भू- क्षेत्र

खंडणी

समझौते के अनुसार समयोपरांत मुक्त कराधन पर अतिरिक्त कर

खिराज

ब्रिटिश सरकार को दिया जाने वाला राज्य के राज का हिस्सा

खुंची

फसल पकने पर लिया जाने वाला उपहार

ग्रास

१. मातृ- भाग के रुप में प्राप्त भूमि

२. मेवाड़ राज्य के दक्षिणी- पश्चिमी पर्वतीय भाग में राज्य प्रदत्त जागीर भूमि

ग्रासीया

ग्रास- धारक

घुगरी

अन्न- उत्पादन का अंश, जो राज्य कर्मचारियों द्वारा कमीशन के रुप में लिया जाता
था

गोल के सरदार

तृतीय श्रेणी के राजपूत सामंत एवं शासक की स्थायी सेना के सैनिक सरदार

गोरमा

गाँव के पास वाली भूमि

घोड़ा

बराड़ राजकीय घोड़ों की रसद- खर्च हेतु लिया जाने वाला शुल्क

चर्णोट

चरागाह के लिए प्रयुक्त भूमि

चंदावल

सेना का अंतिम (रक्षक) भाग

चाकरी

सैनिक सेवा

चाकराना- माफी

राज्य सेवा निमित्त प्रदान की गई राज मुक्त जमीन

चाही

तालाब और कुंओं से सिंचित भूमि

चौथ

उपज का १/२ भाग

छटूंद

भू- राज का १/६ भाग (समयानुसार यह भाग घटता- बढ़ता रहा था, किंतु यह परंपराई- व्यवहार में छटूंद ही कहलाता रहा था)

जब्रित

जब्त करना, जागीर भूमि को खालसा के अंतर्गत करने की प्रक्रिया

जागीर

राज्य प्रदत्त भूमि क्षेत्र तथा वंशानुगत धृति

जागेरी

शासक के पत्नी, पुत्र, माता की निजी भूमि

जुहार

कुशल- क्षेम

टांका

राज के सूक्ष्म अंश को कर के रुप में प्राप्त करने की प्रक्रिया

ठाठ

राज्य प्रबंध

ठीकाना

निश्चित क्षेत्र का मुख्य स्थान

डंडोत

दण्डवत् प्रणाम

ढाणी

ं]

पालक "रेबारी' जाति के गाँव की भूमि

ताजिम

सम्मान

तीजा

उपज का २/३ भाग

तेल- पाली

तेल उत्पादन करने की घाणी का शुल्क

दसूंध

उपज का १/१० भाग

दस्तक

राज्याज्ञा की पूर्ति हेतु दबाव पर किये गये व्यय की क्षतिपूर्ति

दाण

चुंगी

दांतणी- चबेणी

कृषि पर लिया जाने वाला आंशिक शुल्क

दीवाण

राज्य का प्रधान, मेवाड़ के शासक राणा की उपाधि

धनक

भू- प्रदाता

धणी

स्वामी

धारण

राज्याज्ञा को पालन करने का एक प्रशासनिक उपाय

धाबाइ

धाय- भाई

धौंस

राज्याज्ञा पालनार्थ राज्य का आर्थिक- दबाव

भेंट

नाल

दो पर्वतों के मध्य तंग प्राकृतिक मार्ग

नाता- कांगली

पुनर्विवाह पर लिया जाने वाला राज्योपहार

नंत

उत्तरदायित्व निर्वाह हेतु लिया- दिया जाने वाला द्रव्य

नेग

परंपरागत लिया- दिया जाने वाला द्रव्य

पड़त

बं भूमि

पहरावणी

पहिनने के वस्र, सामाजिक संस्कारों पर लिया- दिया जाने वाला परिधान

पंद्रही

जाति- व्यवसाय पर लिया जाने वाला मराठी कर, (इन्हीं करों के अंतर्गत "बराड़' दृष्टव्य है )

पीवल

तालाब अथवा कुओं से सिंचित भूमि

पूंछी

उपज का १/५ भाग

पेशकसी

अग्रिम राशि मुक्ति की प्रक्रिया

पेटीया

खाने का कच्चा सामान

पेडी- बराड़

साहूकारी कार्य पर लिया जाने वाला शुल्क

पोटी

भारवाहक बैल पर रखा हुआ भार

फलां

वन्य- बस्तियाँ, भीलों का निवास

फहरिस्त

सूचि

फाड़ा

विभाजन (घर या खेत का पारस्परिक बंटवारा )

फौज खर्च

विदेशी फौजों की महमाननवाजी हेतु दिया गया द्रव्य

फौज बराड़

फौज व्यवस्था हेतु लिया जाने वाला शुल्क

बस्सी

राजपूत- मुखिया के भाई- बांधव के गाँव की भूमि

बराड़

मराठा कालीन कराधन (शुल्क)

बत्तीस के सरदार

द्वितीय श्रेणी के सामंत

बरानी

वर्षा पर आश्रित भूमि (अमाणा)

बाडी

बागवानी हेतु प्रयुक्त भूमि (वाडी)

बापी

पैतृक भूमि

बालद

बैलों का झुण्ड

बालदीया

बैल पालने वाली एक जाति, जो कच्चे मार्गों पर माल- यातायात करती थी।

बीड़

घास- उत्पादन हेतु प्रयुक्त भूमि

बिस्वा

एक बीघे का १/२० भाग

बीगोड़ी

प्रति बीघा लिया जाने वाला नकद राज

बेजारा

मिश्रित (हाख) फसल

बैठ- बैगार

शारीरिक- सेवा के रुप में लिया जाने वाला बाधित शुल्क, जो प्राचीनकाल में "विस्टी' के रुप में प्रचलित रहा था

ब्याह चंवरी

शादी पर लिया जाने वाला उपहार

भदर

बहिस्कृत

भांजगड़

मुख्य परामर्शदाता

भाग

राज हिस्सा, जो राजपूत कृषकों से लिया जाता था

भूम

वंशानुगत भूमि (बपौती)

भोग

राजस्व, जो प्रजा से लिया जाता था

भौमिया

भौम धारक लोग

भौम

बलिदान निमित्त प्राप्त भूमि

भौम- बराड़

भौम जागीर पर लिया जाने वाला शुल्क

भौई- बराड़

माली जाति से लिया जाने वाला व्यावसायिक शुल्क

मजमानी

महमानदारी शुल्क

मगरा

पहाड़ी स्थान या भूमि

माल

मैदानी भूमि (मालेटी)

मापा

पदार्थ के परिमाण पर लिया जाने वाला शुल्क

मापला

मरहठावों द्वारा लिया जाने वाला "कर'

माफी

राज मुक्त भूमि

मुजरा

प्रणाम

मुण्डकटी

उत्सर्ग हेतु प्रदत्त भूमि (भौम)

मुत्सद्दी खर्च

कार्यालय खर्च

मैर मरजाद

जातिगत मर्यादा

मोटी बड़ी

(मोटी- लौड़ी)

रखवाली

संपत्ति सुरक्षार्थ लिया जाने वाला "कर'

रसाला

कच्ची फसल पर लिया जाने वाला उपहार

राहदारी

चुंगी, नागरिक कर

रावली

शासक पत्नी, पुत्र अथवा माता की निजी भूमि

राहमरजाद

पथ नियम के अंतर्गत लिया जाने वाला शुल्क

रांकड़- कांकड़

बं पथरीली भूमि

रेख

जागीर की वार्षिक आय पर राज्य निर्धारित सैन्य शुल्क

रोजाना

रसद की माँग

लागत

लिया जाने वाला निश्चित द्रव्य

लाग- बाग

परंपारई सामाजिक- आर्थिक उपहार

लिलवा

हरे चने

लोड़ी

छोटी

लौड़ी

मोटी

वेश

कपड़ा, सामाजिक- संस्कारों पर दिया जाने वाला परिधान

शरणा

राज्य में विशेष अधिकार के रुप में "संरक्षण'

षट्- दर्शन

धार्मिक संस्थाओं को प्रदत्त भूमि- अनुदान

सही

राज्य के आदेशों पर लगाई जाने वाली स्वीकृति

सरदार

सम्मान हेतु प्रयुक्त उद्बोधन, जाति- विशेष

सहरी

गली

सुरह

धार्मिक प्रशस्ति

सेरण

एक मन पर एक सेर का राज

सोलह के सरदार

प्रथम श्रेणी के सरदार

हलौटी- सिगोंटी

हल- बैल पर लिया जाने वाला शुल्क

हवाला- धाबाई

गुर्जर जाति के गाँव की भूमि

हरावल

सेना का अग्रिम भाग

हाटा

बाजार

हाली

खेतीहर मजदूर

हां (सां ) ठा

गन्ना

हे (से ) र

पानी की नाली

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